समाज-मंथन

नागरिक समाज और हमारे प्रयत्न

शार्प रिपोर्टर, मनमीत मासिक पत्रिका एवं समाचार पत्र ?फ्लाइट न्यूज? के तत्वावधान में ग्राम समाज में चेतना जागृति एवं सामूहिक हित को आधार बनाकर एक महत्वपूर्ण ?समाज-मंथन? का शुभारम्भ किया जा रहा है। हमारे प्रकाशन के माध्यम से आपके विचार सुझाव एवं दिशा-निर्देश, उपयोगी साहित्य, लेख सादर आमंत्रित हैं। हमारे कार्यक्रम ?समाज-मंथन? में भी आपका स्वागत है।

हमें पूर्ण विश्वास है कि आप सबके सहयोग और सद्भाव से हम समाज और राष्ट्र की सेवा में महत्वपूर्ण योदान कर सकते हैं।
?समाज-मन्थन? कार्यक्रम के प्रथम-चरण में इलाहाबाद जिले में गंगापार की तीन तहसील की एक एक न्याय पंचायत में आने वाली ग्राम सभाओं को विकसित कर सम्पूर्ण क्रान्ति के लिए आधारभूत रुपरेखा तैयार करेंगे।
न्याय पंचायत स्तर पर आधारभूत ढाँचा तैयार करने के लिए जन-चेतना जागृति कर गाँव समाज के पुनर्जागरण तथा समाज-सत्ता के विकास का सांस्कृतिक लोक निर्माण कर एवं सामाजिक संरचना में आवश्यक नीति निर्धारण कर सामाजिक न्याय और सामाजिक सुरक्षा का वातावरण सृजन करने का प्रयत्न करेंगे।
स्माज के प्रत्येक व्यक्ति को जोड़कर सामूहिक विकास के अवसर, स्वावलम्बन तथा आत्मनिर्भरता के लिए संचेतना का विकास कर समुन्नत राष्ट्र के विकास का प्रयत्न करेंगे।
समाज मन्थन:-
अवधारणा:- भारत वर्ष में गाँव समाज एवं पंचायतों का अस्तित्व प्राचीन काल से है। हमारे पौराणिक ग्रन्थों एवं जातक कथाओं में भी इनका उल्लेख मिलता है। बौद्ध और मौर्य काल में भी पंचायतों एवं समाज सत्ता की सक्रियता के प्रमाण मिलते हैं। कौटिल्य के अर्थशास्त्र में तो ग्राम समाज एवं पंचायतों के गठन का भी वर्णन मिलता है।
?भारत में पंचायतें लोकतन्त्र की अनूठी मिशाल थीं? ऐसा कई विद्वानों का मत है। स्वतन्त्रता के आन्दोलन में भी स्व-शासन हेतु पंचायतों के गठन की अवधारणा पर बल दिया गया था। गाँधी जी के ग्राम स्वराज की परिकल्पना में भी पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका मानी गयी थी।
राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी कहते थे कि ?भारत के विकास का रास्त इसके गाँवों से होकर गुजरता है।
गाँव समाज में सामूहिक निर्णय, परस्पर सहयोग, आम-सहमति आपसी सद्भाव से ही ग्राम-स्वराज की अनुभूति होती है। भारत में गाँव संस्कृति का आधार गाँव समाज है। गाँव समाज में जीवंत पंचपरमेश्वर की संकल्पना सामाजिक न्याय और स्वशासन की स्वतः स्फूर्त संस्कृति है।
मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, इसलिए समाज के प्रति उसका कुछ दायित्व बनता है। वह स्व के प्रति, परिवार के प्रति, समाज के प्रति और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व बोध से प्रतिबद्ध है। इसलिए आइये हम सब मिलकर ?समाज-मंथन? करें और समाज को जन सहभागिता के आधार पर गतिशीलता प्रदान कर एक सुमन्नत राष्ट्र के निर्माण में सहभागी बनें।
अब वह दिन आ गया है जब हम राष्ट्रों की प्रगति का आधार न तो उनकी सैन्य या आर्थिक ताकत से करेंगे, न ही उनकी राजधानियों और सार्वजनिक इमारतों की भव्यता से। बल्कि उनकी जनता की खुशहाली से, उनके स्वास्थ्य, पोषण, और शिक्षा के स्तर से तथा अपनी मेहनत का उचित पारितोषिक पाने के उनके अवसरों से अपने जीवन को प्रभावित करते निर्णयों में भागीदारी की उनकी क्षमता से, उनकी नागरिक और राजनीतिक स्वतन्त्रताओं के प्रति प्रदर्शित सम्मान से, कमजोरों और वंचितों के लिए किये गये प्रावधान से और उनके बढ़ते शरीर और पनपते दिमाग को दिये गये संरक्षण से होगा।
सर्वेभवन्तु सुखिनः सर्वेसन्तु निरमाया।
सर्वे भद्राणि पष्यन्तु माकस्चिद्दुःख भाग भवेत।।
हमारा यही राष्ट्रीय संकल्प है। इसलिए यही आज की आवश्यकता मानकर हम सब सुमति से परस्पर हित चिंतन एवं आचरण व्यवहार अपना कर एक स्वस्थ समाज का निर्माण करें।
उद्देष्य:-
1. नैतिकता पर आधारित व्यक्तित्व का विकास।
2. ग्राम समाज का पुनर्जागरण एवं समाज सत्ता के विकास का सांस्कृतिक लोक निर्माण।
3. पंचायतीराज व्यवस्था की विसंगतियों को दूर कर ग्राम स्वराज की स्थापना।
4. आत्म निर्भरता तथा स्वावलम्बन पर आधारित राष्ट्रीय संचेतना का विकास एवं दायित्व
बोध की चेतना।
5. लोक जीवन में सुचिता का समावेश।
6. सामाजिक सुरक्षा एवं अपराध बोध।
7. व्यावसायिक अवसरों का सृजन एवं प्रबन्धन।
8. आध्यात्मिक चेतना एवं सामाजिक संवर्धन।
प्रस्ताव:-
1. नागरिक समाज एवं प्रशासनिकतन्त्र के मध्य सामूहिक चिन्तन, सामाजिक न्याय एवं
अपराध नियन्त्रण हेतु संवाद एवं रूपरेखा का निर्धारण।
2. पंचायतीरात व्यवस्था का पुनर्मूलयांकन एवं समाज सत्ता के विकास का प्रयत्न।
3. नागरिक समाज में उदासीन सज्जनता को जागृत कर एक प्रभावशाली पंच-परमेश्वर
एवं योग्य प्रतिनिधि का चयन।
4. शिक्षा में नैतिक मूल्यों के प्रति सामाजिक चेतना का विकास।
5. लोक जीवन में सुचिता, कला एवं कौशल के प्रति चेतना एवं सतत् विकास के प्रति
संचेतना।
6. लोक जीवन में सम्पूर्ण सुरक्षा चक्र अपना अपना कर जीवन में सरलता और खुशहाली
लाने का प्रयत्न।
7. व्यावसायिक अवसरों के सृजना एवं प्रबन्धन के लिए कार्य योजना का निर्माण।
8. विकास प्रक्रिया को गतिशीलता प्रदान करने के लिए सामूहिक प्रयत्न एवं स्वयं सहायता
समूहों का गठन।
योजना प्रारम्भ (गोष्ठी आयोजन)
प्रतिभागीगण:-
1. शार्प रिपोर्टर ब्यूरो टीम।
2. समाचार पत्रों के प्रतिनिधि।
3. थाना प्रभारी एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारी।
4. खण्ड विकास अधिकारी या प्रतिनिधि।
5. सम्भ्रान्त नागरिक, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य जिला पंचायत सदस्य, विधायक एवं
सांसद।
6. स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्य।
7. आम नागरिक।
संगोष्ठी आयोजन स्थल:-
1. विकास खण्ड का मीटिंग हाल।
2. शिक्षा विभाग का मीटिंग हाल।
3. थानों पर संगोष्ठी आयोजन।
4. ग्राम-पंचायत भवन।
5. कम्प्यूनिटी हाल
प्रतिभागियों को सूचना या आमंत्रण:-
1. शार्प रिपोर्टर ब्यूरो की ओर से।
2. थाना प्रभारी की ओर से।
3. खण्ड विकास अधिकारी की ओर से।
4. सम्भ्रान्त नागरिकों की ओर से।
5. ग्राम पंचायत की ओर से।
6. क्षेत्र में संचालित स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से।
संगोष्ठी का विषय:-
1. नागरिक समाज एवं पुलिस व्यवस्था।
2. अपराध के लिए उत्तरदायी बिन्दु।
3. अपराधमुक्त समाज के लिए अपेक्षित व्यवस्था।
4. अपराध मुक्त समाज के लिए जन-सहयोग।
5. पंचायतीराज व्यवस्था और सामाजिक सरोकार।
6. बढ़ते अपराध एवं सामाजिक सरोकार।
7. बढ़ते अपराध, जिम्मेदार कौन?
8. बढ़ते अपराध एव ंहम सबकी जिम्मेदारी।
9. बढ़ते अपराध एवं पुलिस की भूमिका।
न्याय पंचायतों का चयन
1. न्याय पंचायत सिकन्दरा
सम्बन्धित ग्राम सभा-बकसेडा, सिकन्दरा, दलीपुर गोरापुर, बलीपुर, चैमलपुर, अहिराई, बजाही, माधोपुर, चील्हाराय।
सर्वेक्षण:-
1. जनसंख्या।
2. क्षेत्रफल।
3. मानचित्र।
4. शिक्षण संस्थानों की स्थिति।
5. स्वास्थ्य सेवा की स्थिति।
6. पंचायत घर की स्थिति।
7. पेयजल की स्थिति।
8. मार्गों की स्थिति।
9. पूजा स्थलों की स्थिति।
10. जल-निकास नालियों की स्थिति।
11. आय के स्रोतों की स्थिति।
12. आर्थिक संसाधनों की स्थिति।
13. निरक्षर लोगों की संख्या।
14. विकलांगों की स्थिति।
15. शिक्षित बेरोजगारों की स्थिति।
16. कृषि योग्य भूमि का क्षेत्रफल।
17. विवादों की स्थिति।
18. मुकदमों की संख्या।
19. रोगियों की संख्या।
न्याय पंचायत स्तर पर कार्यक्रम संचालन हेतु सम्बन्धित ग्राम सभाओं को आदर्शग्राम के रूप में विकसित करने के लिए चयन एवं कार्य योजना का निर्माण ग्राम सभा की बैठक में ही प्रस्ताव के माध्यम से होगा।
प्रस्तावित विषय एवं कार्य योजना:-
सुरक्षा सम्बन्धी कार्य का प्रस्ताव:-
1. जीवन वीमा सुरक्षा
2. सामाजिक सुरक्षा
3. न्यायिक सुरक्षा
4. स्वास्थ्य सुरक्षा
5. खाद्य सुरक्षा
सम्पर्क सुत्र-
1- गिरिजेष पाण्डेय
ब्यूरो चीफ शार्प रिपोर्टर
बकसेड़ा, सिकन्दरा, इलाहाबाद
मो0: 9452658184
E-mail : girijeshpandey2014@gmail.com
2- शार्प रिपोर्टर एवं मनमीत हिन्दी मासिक पत्रिका
प्रशासनिक/सम्पादकीय कार्यालय
117के/2ए, राधा नगर कालोनी, दारागंज, इलाहाबाद
पिन कोड-211 006
E-mail : Sharpreporterazm@gmail.com
manmeetazm@gmail.com

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