संकल्प बन गए डा. शलभ/-रश्मि अभय

शार्प रिपोर्टर डॉट इन

पिता ई. सत्यनारायण प्रसाद गुप्ता एवं माता दुलारी देवी के एकलौते पुत्र स्वयंभू शलभ का जन्म 2 नवम्बर 1963 को रक्सौल में हुआ। पिता अमेरिका के एलिनॉइस यूनिवर्सिटी से एम.एससी. इंजीनियरिंग के बाद बिहार पीडब्लूडी के अभियंत्रण सेवा में थे।
1980 में हजारीमल हाई स्कूल, रक्सौल से मैट्रिक की परीक्षा एवं 1982 में एम एस कालेज, मोतिहारी से आइ.एससी. की परीक्षा में श्री शलभ को प्रथम श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। 1985 में बी.एससी.ऑनर्स के बाद 87 में एम.एससी. फिजिक्स इलेक्ट्रॉनिक्स में पुनः कालेज में प्रथम श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। आगे त्रिभुवन विश्वविद्यालय (नेपाल) के अंतर्गत ठाकुर राम बहुमुखी कैम्पस, वीरगंज में भौतिक विज्ञान के प्राध्यापक के रूप में नियुक्त हुए जहां आपने विभागीय अध्यक्ष का दायित्व भी संभाला। इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) एवं नेपाल फिजिकल सोसाइटी के सदस्य डा. शलभ को 2006 में बी.आर.अम्बेडकर बिहार विश्वविद्यालय द्वारा भौतिक विज्ञान में पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त हुई। रिसर्च में प्राप्त इक्वेशन को यूनिवर्सल इक्वेशन की मान्यता मिली।
अपनी 26 वर्षों की शिक्षण सेवा के दौरान उन्होंने  वीरगंज और रक्सौल की अनेक शैक्षणिक एवं सामाजिक संस्थाओं के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। उनके व्यक्तित्व में विज्ञान और साहित्य का अद्भुत समन्वय है।

साहित्य जगत में उन्हें डा. हरिवंशराय बच्चन का विशेष स्नेह मिला। 1982 से 90 के बीच डा. बच्चन ने उन्हें 38 पत्र लिखे जिनका डा. शलभ के जीवन पर गहरा प्रभाव रहा। 1985 में उन्हें फिल्म्स राइटर्स एशोसिएशन, मुम्बई की सदस्यता मिली और निर्माता निर्देशक बी.आर.चोपड़ा के निमन्त्रण पर धारावाहिक ‘महाभारत’ के स्क्रिप्ट में सहयोग करने और पात्रों को हिन्दी का प्रशिक्षण देने का मौका मिला। लेकिन डा. बच्चन की स्पष्ट राय थी कि लेखन को कैरियर न बनाकर पहले शिक्षा क्षेत्र में अपना स्थान बनाएं, तब लेखक के रूप में पहचान ज्यादा व्यापक होगी। डा. बच्चन के निर्देश को अपना संकल्प बनाकर डा. शलभ ने एम.एससी. से पीएच.डी. तक का सफर पूरा किया और साथ साथ अपने लेखन को भी लगातार समृद्ध करने की कोशिश करते रहे।
भारत के अनेक शीर्षस्थ साहित्यकारों के साथ उनके घनिष्ठ सम्बन्ध बने। उनके सम्पर्क के दायरे में जाने माने साहित्यकारों की एक बड़ी संख्या है जिसमें पद्मभूषण अमृतलाल नागर, भवानी प्रसाद मिश्र, बालस्वरूप राही, खुशवंत सिंह, राहीमासूम ऱजा, वेद राही, शैवाल सत्यार्थी, पद्मविभूषण नीरज, मिथिलेश्वर, शंकरदयाल सिंह, मृदुला अरुण, मालती जोशी, शिवानी, डा. अनामिका, डा. भारती वर्मा, डा. ऋता शुक्ल का नाम शामिल है। गीत, गजल, कविता, कहानी, पटकथा, संस्मरण… साहित्य की विविध विधाओं में अपनी अभिव्यक्ति देनेवाले डा. शलभ ने साहित्य की एक अनोखी दुनिया सृजित की।
कालीन्यास द्वारा प्रकाशित ‘रक्सौल चेतना’ (हिंदी मासिक) का संपादन किया। इस कड़ी में  ‘भारत नेपाल मैत्री अंक’ एवं ‘तंत्र मंत्र विशेषांक’ भी वृहत रूप में प्रकाशित हुए। न्यास द्वारा संचालित विभिन्न शैक्षिक एवं सामाजिक प्रकल्पों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही। लम्बे समय तक वे ‘पूजा समिति’ के अध्यक्ष रहे।
डा.शलभ ने वीरगंज (नेपाल) के हरि खेतान बहुमुखी कैम्पस की वार्षिक पत्रिका  ‘स्रोतस्विनी’ एवं कलवार कल्याण समिति, वीरगंज की स्मारिका का संपादन किया। प्राणों के साज पर (1982), अंतर्बोध (1983), अनुभूति दंश (साठ गजलों का संग्रह) (1984) एवं श्रृंखला के खंड (1985) उनकी प्रकाशित पुस्तकें हैं।

डा. शलभ का कृतित्व शोधार्थियों के शोध का प्रेरक बना। डा. भारती वर्मा, देहरादून ने डा. बच्चन के पत्रों का अध्ययन किया। बच्चन गद्य साहित्य पर 1993 में गढ़वाल यूनिवर्सिटी से उन्हें डी. लिट्. की उपाधि मिली। डा. घनश्याम न्यौपाने ‘परिश्रमी’, प्राध्यापक, त्रिभुवन विश्वविद्यालय, नेपाल ने हिंदी और नेपाली गजलों के तुलनात्मक अध्ययन में ‘अनुभूति दंश’ की गजलों का प्रयोग किया। बी.आर.ए.बिहार विश्वविद्यालय से उन्हें 2001 में पीएच.डी. मिली। अनोखी बात यह कि फिजिक्स में उनके स्वयं डाक्टरेट करने के पूर्व उनके साहित्य की प्रेरणा से दो रिसर्च स्कॉलर पीएच.डी. की डिग्री प्राप्त कर चुके थे। डा. शलभ की रचनाएं रेडियो मास्को द्वारा प्रसारित,भारतीय ज्ञानपीठ एवं राष्ट्रभाषा परिषद द्वारा प्रसंशित हैं।
अप्रैल 1990 में भूटान में आयोजित अखिल भारतीय ब्याहुत महासभा के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विज्ञान और साहित्य की उपलब्धियों के लिए उन्हें सम्मानित किया गया। जनवरी 2006 में हरि खेतान बहुमुखी कैंपस, वीरगंज के रजत जयंती समारोह में विज्ञान संकाय के संस्थापक सदस्य एवं वार्षिक पत्रिका ‘स्रोतस्विनी’ के प्रधान संपादक के रूप में उन्हें सम्मानित किया गया।
माता पिता की सेवा में भी उन्होंने एक मिसाल कायम की। उस उत्कृष्ट सेवा कार्य के लिए दिसम्बर 2007 में जगतगुरु वामाचार्य फाउंडेशन द्वारा उन्हें जगतगुरु वामाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पर्यावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए 2016 में सेवक संजयनाथ कालीन्यास, रक्सौल द्वारा ‘पीठाधीश पुरस्कार 2016’ से सम्मानित किया गया।
नवम्बर 2016 में उन्होंने कला, साहित्य और संस्कृति के मंच ‘निर्झरिणी’ का निर्माण किया। इसके व्हाट्सएप्प ग्रुप के साथ देश के कई जाने माने कवि, लेखक, निर्देशक, कलाकार और इतिहासकार जुड़े हुए हैं।
उनके साहित्य का प्रभाव सामाजिक समस्याओं को प्रभावशाली ढंग से उठाने में नजर आया।उन्होंने सामाजिक परिवर्तन की दिशा में कई उल्लेखनीय कार्य किये। उनके सतत प्रयास से रक्सौल स्टेशन पर क्लिंकर भंडारण समस्या का समाधान निकला, सरिसवा नदी प्रदूषण समस्या के समाधान का मार्ग प्रशस्त हुआ, रक्सौल नगर के मास्टर प्लान की ओर केंद्र सरकार का ध्यान आकृष्ट हुआ, नगर में करेंसी एक्सचेंज काउंटर खोले जाने की प्रक्रिया आरम्भ हुई, ओवरब्रिज की स्वीकृति मिली, जर्जर NH के निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए निर्माण कम्पनी पर सरकार ने संज्ञान लिया, नेपाल के त्रिभुवन विश्वविद्यालय में कार्यरत भारतीय प्राध्यापकों की सेवानिवृति संबंधी सुविधाओं के लिए विदेश मंत्रालय ने पहल की।
भारत नेपाल के इस सीमा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए उन्होंने कई मुद्दे सरकार के सामने रखे जिन पर प्रधानमंत्री कार्यालय सहित विभिन्न संबंधित मंत्रालयों ने संज्ञान लिया, संबंधित विभागों ने आवश्यक कदम उठाये।
उनके द्वारा सामाजिक क्षेत्र में किये गए कार्यों पर एक नजर –

1. *रक्सौल स्टेशन पर क्लिंकर भंडारण समस्या*
रक्सौल स्टेशन पर भंडारण किये जाने वाले क्लिंकर को सीधे सिर्सिया (नेपाल) भेजे जाने के संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय में दर्ज याचिका पर पीएमओ ने संज्ञान लिया और समाधान की दिशा में निम्न मंत्रालयों/ विभागों ने कदम उठाये –
a पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
b रेलवे मंत्रालय c रेलवे बोर्ड d मिनिस्ट्री ऑफ एक्सटर्नल अफेयर्स e डीआरएम, समस्तीपुर f  मंडल रेल प्रबंधक, समस्तीपुर g सहायक उप महाप्रबंधक, हाजीपुर।
 प्रधानमंत्री कार्यालय में दर्ज परिवाद सं.
PMOPG/E/2016/0367008 के सन्दर्भ में इस मामले का समाधान दि 13.10.2016 को किया गया। क्लिंकर की उतराई रामगढ़वा स्टेशन पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया अपनायी गई। यहां नये गुड्स शेड की स्वीकृति के साथ निर्माण हेतु निविदा कर दी गई है।
2. *सरिसवा नदी प्रदूषण समस्या*
 प्रधानमंत्री कार्यालय में दर्ज याचिका पर पीएमओ ने संज्ञान लिया और समाधान की दिशा में निम्न मंत्रालयों/ विभागों द्वारा कदम उठाये गए
a पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, भारत सरकार
b केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नई दिल्ली
c बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पटना
d एक्सटर्नल अफेयर्स मिनिस्ट्री, नई दिल्ली
e कॉन्सलेट जेनेरल ऑफ इंडिया, नेपाल
इस मामले को इंडो नेपाल टेक्निकल स्टैंडिंग कमिटि में रखा गया। PMOPG/E/2017/0038296 के आलोक में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा इस मामले का निष्पादन किया गया।
पीएमओ ने नेपाल से जुड़ी इस समस्या के समाधान की दिशा में कदम बढ़ाते हुए अपना रुख स्पष्ट किया कि पर्यावरण संबंधी इस विषय पर सरकार गंभीर है। राष्ट्रीय कार्ययोजना के तहत इस विषय के सभी पहलू पर विचार किया जा रहा है।
3. *रक्सौल में ओवरब्रिज के निर्माण के संबंध में*
प्रधान मंत्री कार्यालय में दर्ज परिवाद सं PMOPG/I/2015/0023327 के आलोक में
 पीएमओ ने संज्ञान लिया और निम्न मंत्रालयों/विभागों ने कदम उठाये
a रेलवे मंत्रालय b सड़क, यातायात एवं परिवहन मंत्रालय c चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर/ कंस्ट्रक्शन d इस्ट सेंट्रल रेलवे,पटना e मुख्य मंत्री सचिवालय,पटना।
इस सन्दर्भ में श्री नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री बिहार एवं श्री तेजश्वी प्रसाद यादव, उप मुख्यमंत्री बिहार को एनओसी हेतु पत्र दिया। जवाब में मुख्यमंत्री सचिवालय ने इस विषय पर प्राथमिकता के साथ कार्यवाही किये जाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
4. *रक्सौल से मोतिहारी के बीच जर्जर सड़क* के निर्माण के सम्बन्ध में प्रधान मंत्री कार्यालय में  द्वारा दर्ज परिवाद सं. PMOPG/2015/0052747 पर संज्ञान लेते हुए पीएमओ ने गत 23/7/2015 को सड़क, परिवहन एवं हाइवेज मंत्रालय, बिहार झारखंड शाखा, नई दिल्ली को इस निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने के लिये आवश्यक निर्देश जारी किया जिसके आलोक में उक्त मंत्रालय के डायरेक्टर जेनेरल ने तांतिया कंस्ट्रक्शन को इस निर्माण कार्य में तेजी लाने और कार्य की प्रगति से आवेदक एवं  मंत्रालय को अवगत कराने का निर्देश दिया।
5. *रक्सौल में मनी एक्सचेंज काउंटर* हेतु बैंक शाखा को अधिकृत किये जाने के सम्बन्ध में
प्रधानमंत्री कार्यालय में गत 27.11.2016 को दर्ज परिवाद सं. PMOPG/E/2016/052182 पर संज्ञान लेते हुए रक्सौल में करेंसी एक्सचेंज काउंटर के लिए किसी बैंक को अधिकृत किये जाने हेतु वित्त मंत्रालय को आवश्यक निर्देश जारी किया गया।
6. *रक्सौल नगरक्षेत्र में  समुचित ड्रेनेज सिस्टम एवं सीवर मैनेजमेंट* के संबंध में प्रधान मंत्री कार्यालय में दर्ज़ परिवाद सं. PMOPG/E/2017/0052986 पर संज्ञान लेते हुए पीएमओ ने दि. 9.2.2017 को इस मामले में पी जी ऑफिसर, अर्बन सेक्रेटरी- बिहार को निर्देश जारी किया।
7. *त्रिभुवन विश्वविद्यालय, नेपाल के विभिन्न अंगीभूत कालेजों में लम्बे समय से कार्यरत भारतीय प्राध्यापकों* की रिटायरमेंट संबंधी सुविधाओं को भारत के यूजीसी मापदंड के आधार पर तय करने हेतु दर्ज परिवाद सं. PMOPG/I/2015/ 0020890 दि. 10.2.2015 के  संदर्भ में पीएमओ ने इस मामले को गत 5.6.2015 को एक्सटर्नल अफेयर्स मिनिस्ट्री को अग्रसारित किया।
8. *रक्सौल रेलवे स्टेशन* पर पैसेंजर, ट्रैफिक, भंडारण और ट्रेन परिचालन से जुड़ी 16 विभिन्न मांगों को लेकर तत्कालीन रेल मंत्री श्री दिनेश त्रिवेदी, श्री मुकुल राय, श्री सदानंद गौड़ा एवं श्री सुरेश प्रभु को ज्ञापन भेजा।
9. भारत नेपाल सीमा पर रक्सौल नगर के बीचों बीच स्थित *इंडियन आयल डिपो* को रिहायशी इलाके से विस्थापित करने हेतु तत्कालीन पेट्रोलियम मिनिस्टर को पत्र दिया जिसके आलोक में मंत्रालय ने एक कमिटि बनाकर आवश्यक निर्देश जारी किये।

7 thoughts on “संकल्प बन गए डा. शलभ/-रश्मि अभय

  1. इतने विस्तार से शलभ जी के बारे में जान कर हर्षित हूँ और गर्व महसूस कर रही हूँ कि मैं उनके साधिन्नय मेंहूँ।उनके प्रयासों को मेरा सलाम।

  2. सुंदर!
    श्री शलभ को २३ जुलाई को पटना आने का निमंत्रण देता हूं।
    अखिल भारतीय वियाहुत कलवार महासभा अपने २९वें अभ्युदय दिवस पर उन्हें विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मानित करेगी।
    कृपया आगमन की संपुष्टि करें
    रमेश प्रसाद
    महामंत्री

    1. धन्यवाद।
      कृपया कार्यक्रम की पूरी जानकारी दें।

  3. मेरा परम सौभाग्य हैं कि मुझे इनके सानिध्य में बहुत कुछ सीखने को मिल रहा हैं !
    आपके द्वारा हरेक पर कियें जा रहें कार्य सामाजिक एवं विकास की दृष्टिकोण से अत्यंत आवश्यक एवं महत्वपूर्ण हैं, मैं ईश्वर से आपके स्वस्थ एवं खुशहाल जीवन की कामना करता हूँ ताकि आगे भी आप जैसे समर्पित व्यक्तित्व का साथ सदैव समाज को मिलता रहें !
    तथा मैं अंत में आपसे निवेदन करना चाहूँगा की 23 जुलाई के कार्यक्रम जिसमें में आप पहले से ही आदरणीय श्री रमेश प्रसाद (महामंत्री-ABBKM) के द्वारा विशिष्ट के रुप में आमंत्रित किए जा चुके हैं, उसमे शामिल होने की स्वीकृति प्रदान कर हमें अनुगृहित करें !

  4. समाज को नई दिशा प्रदान करते आपके प्रयास की जितनी प्रशंसा की जाय कम है. आप सदा यूं ही आगे बढ़ते रहें और समाज में प्रेरणा बन कर मार्गदर्शन करते रहें.

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